भभुआ प्रखंड के सिवो गांव में हाल ही में सामने आए हत्या मामले ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। इस प्रकरण में प्रारंभिक स्तर पर पटेल समाज के पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, पुलिस जांच के बाद मामले में नया मोड़ आया है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप सामने आया कि घटना को अंजाम देने के बाद कुछ परिजनों द्वारा अन्य निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश की गई।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता विकास सिंह ने इसे “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक” बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति को साजिशन फंसाया जाता है तो यह न्याय व्यवस्था और समाज दोनों के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच अत्यंत आवश्यक है।
विकास सिंह ने कांड के उद्भेदन के लिए कैमूर पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि समय पर की गई जांच से सच्चाई सामने आई। उनके अनुसार, निर्दोष लोगों को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्थानीय ग्रामीणों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा जारी है। पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। समाज के विभिन्न वर्गों ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से कानूनी जटिलताओं का सामना न करना पड़े।